लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अरुणाचल प्रदेश के 12 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के कुल 28 जिलों में से कई हिस्सों में हालात गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, 23 जून को अचानक आई बाढ़ में सबसे अधिक प्रभावित केई पनयोर जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। रविवार को 48 वर्षीय सौरभ कुमार खरवार का शव पपुमपारे जिले के हावा कैंप के पास बरामद किया गया।
पहले किन लोगों की हुई थी मौत?
इससे पहले बुधवार और शनिवार को एक 35 वर्षीय महिला समेत दो अन्य लोगों के शव बरामद किए गए थे। अभी भी दो लोग लापता हैं, जिनमें एक नाबालिग शामिल है। लगातार बारिश से आई बाढ़ में केई पनयोर के याजाली सर्किल में करीब 20 घर और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
क्या राहत और बचाव कार्य जारी है?
प्रभावित 12 जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है, जहां बाढ़ और भूस्खलन ने सड़कों, पुलों और घरों को नुकसान पहुंचाया है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है और संपर्क व्यवस्था भी बाधित हुई है। प्रशासन अब तक कुल नुकसान और हताहतों का पूरा आंकड़ा जुटा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा की
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को राज्य में बाढ़ की स्थिति की ऑनलाइन समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव मनीष गुप्ता, डीजीपी एसडी सिंह जमवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
खांडू ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने कई जिलों के उपायुक्तों के साथ राहत, बचाव, सड़क बहाली और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राज्य में एक जुलाई तक भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन, जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।
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लोगों को क्या चेतावनी दी गई?
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें, भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
भारी बारिश और भूस्खलन के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने केवल 36 घंटे में किमिन-पोटिन सड़क को बहाल कर दिया। सड़क टूटने और मलबा गिरने से कई इलाके पूरी तरह कट गए थे।
कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में केई पनयोर, पपुमपारे, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले, अपर सुबनसिरी, ईस्ट सियांग, लेपाराडा और लोअर सियांग शामिल हैं।