मनोहर परिकर के रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रक्षा मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है। हालांकि, अटकलों का बाजार गर्म है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन, उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक ज्यादा संभावना है कि राष्ट्रपति चुनाव तक जेटली ही रक्षा मंत्रालय की कमान संभालेंगे।
सूत्रों के मुताबिक जुलाई में राष्ट्रपति का चुनाव होना है। इसके बाद कैबिनेट में फेरबदल की योजना है। सूत्रों का कहना है कि उसी दौरान रक्षा मंत्री के नाम पर भी फैसला होगा। इसी बीच मई से नवंबर 2014 में रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल चुके जेटली ने कहा है कि देश की सुरक्षा और सेनाओं के संदर्भ में रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी काफी अहम है।
मंगलवार को उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। बाद में पत्रकारों से जेटली ने कहा कि परिकर के जाने के बाद भी सरकार वही है और वह उनके कामों को आगे बढ़ाएंगे। रक्षा मंत्री के रूप में परिकर के कार्यकाल को हथियारों की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने और कई ठहरी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।