वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इस साल के अंत तक नोटों की तंगी दूर हो जाएगी। 500 एवं 2,000 रुपये के नोट छापे जा रहे हैं, जिस वजह से आगामी 30 दिसंबर तक बाजार में पर्याप्त नकदी हो जाएगी। शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद पर्याप्त मात्रा में नए नोट छापे जा रहे हैं। इनमें 500 एवं 2,000 रुपये के बड़े नोट भी हैं। इसलिए इस साल के अंत तक नोटों की तंगी दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले जितनी मात्रा में नोट चलन में थे, उतने नोट जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि अब बड़े नोटों के छापने पर जोर है। इसके साथ ही देश में डिजिटल करेंसी का प्रसार बढ़ रहा है।
नोटबंदी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल रबी फसल की बुवाई पिछले साल से अधिक है, वाहनों की बिक्री का रूझान मिला-जुला है। इस बदलाव से अर्थव्यवस्था में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है लेकिन दीर्घकालीन लाभ होंगे। नोटों ती कमी पर जेटली ने कहा कि सुरक्षा मानकों के साथ नोटों की छपाई करने में समय लगता है और रिजर्व बैंक नोट जारी करने का काम कर रहा है।
सितंबर 2017 से पहले लागू करना होगा जीएसटी
जीएसटी के सवाल पर जेटली ने कहा कि संविधान संशोधन के अनुसार, जीएसटी लागू करने में ज्यादा देर नहीं की जा सकती। 16 सितंबर, 2016 को हुये संविधान संशोधन के मुताबिक, मौजूदा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को वर्ष के दौरान चलाया जा सकता है, लेकिन इसमें किसी तरह की देरी का मतलब होगा 17 सितंबर, 2017 के बाद कोई वाणिज्यिक कर वसूली नहीं।