केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ढांचागत संरचना क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए रेलवे में तत्काल भारी निवेश की आवश्यकता है। उद्योग संगठन फिक्की की 90वीं वार्षिक आम बैठक को बृहस्पतिवार को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए ढांचागतर संरचना के सृजन की गति जारी रखने की तो जरूरत है ही, इसके साथ ही रेलवे में निवेश में तेजी लाने की भी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इस समय भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल है, जो ढांचागत संरचना क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं। इस स्तर को बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने रेलवे तंत्र में भारी निवेश की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि रेलवे लाइनों, स्टेशनों आदि में तत्काल भारी निवेश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रेलवे में सुपर फास्ट ट्रेनों के साथ साथ बुलेट ट्रेन को भी चलाना है, इसलिए निवेश की गति बढ़ानी होगी।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और पूंजी डालने की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पहले पूंजी की वजह से सरकारी बैंकों की ऋण देने की क्षमता सीमित थी। उन्होंने कहा कि बैंकों की ऋण देने की क्षमता में सुधार के लिए सकरार अगले साल इस पर प्राथमिकता से ध्यान देगी।
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उन्होंने कहा कि भारत ने महसूस किया है कि वैश्विक मंदी के बावजूद संरचनात्मक परिवर्तनों का महत्व है। तभी तो देश ने हाल के कुछ वर्षों के मुकाबले इस वर्ष इस क्षेत्र में ज्यादा काम किया है। आप भी देखेंगे कि वर्ष 2017 में अधिक संरचनात्मक परिवर्तन हुए हैं।
बैंकों का पुनर्पूंजीकरण अगला एजेंडा
अगले वित्त वर्ष के एजेंडे की चर्चा करते हुए जेटली ने कहा कि सरकार के लिए अगले साल का एजेंडा बैंकों को अतिरिक्त निधि देना रहेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों को मजबूत बनाने के अधूरे कार्यों को पूरा करना है।