राजनीतिक दलों को आयकर छूट सुविधा से वंचित रखने के लिए योजना बना रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को बताया कि जो दल चुनाव नहीं लड़ते लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग के जरिये होने वाली आय में छूट का लाभ उठा रहे हैं, उन पर अंकुश लगाया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व सचिव से इस संबंध में चुनाव आयोग की सिफारिशों पर गौर करने के लिए कहा गया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने सरकार से राजनीतिक दलों को मिलने वाली आयकर छूट के कानून में संशोधन की सिफारिश की है।
जेटली ने कहा, ‘मैं पहले तो अज्ञात चंदे का जिक्र करना चाहूंगा और उसके बाद ही राजनीतिक दलों को मिली छूट का मुद्दा उठाना चाहता हूं। देश में लगभग 40 से 60 राजनीतिक दल हैं जो केंद्र और राज्यों में चुनाव लड़ते हैं लेकिन बहुत सारे ऐसे भी दल हैं जो चुनाव नहीं लड़ते लेकिन आयकर में छूट का लाभ उठाते हैं।’
जेटली ने कहा, ‘इस मोर्चे पर दलों से निपटना आसान है। मैंने राजस्व सचिव से कहा है कि इसी मुद्दे पर ध्यान दें। इसके बाद ही हम सशर्त मानक तय करेंगे ताकि ऐसे दलों को इस लाभ से अलग रखा जा सके जो असली दल तो नहीं होते लेकिन मुद्रा बदलने के कार्यों में लिप्त रहते हैं। बहुत सारे दल चुनाव नहीं लड़ते लेकिन चंदा भी लेते हैं और मुद्रा भी बदलते हैं।’