उत्तर प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी के लिए अब योगी आदित्यनाथ सरकार को खुद ही संसाधनों की तलाश करनी होगी। गुरुवार को राज्यसभा के एक विधेयक पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका संकेत दिया।
समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने चुनावों के दौरान भाजपा द्वारा किए गए किसानों की कर्ज माफी के वायदे पर प्रश्न पूछा, जिसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा अगर कोई राज्य सरकार समर्थ है और इस दिशा में काम करना चाहती है तो उसे इसके लिए खुद ही संसाधनों की तलाश करनी चाहिए।
जेटली ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी जब एक राज्य की मदद की जाए और दूसरे की नहीं। महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान आदि अन्य राज्य भी कृषि ऋण छूट के लिए राजनीतिक मांग कर चुके हैं। जिसके आश्वासन में वित्त मंत्री ने ये बात कही।
जेटली के जवाब में यह संकेत नहीं दिया गया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की ऋण माफी पर विचार कर रही है या नहीं।
हालांकि वित्त मंत्री की किसी राज्य का नाम लिए बिना दी गई इस टिप्पणी से ये बात स्पष्ट हो गई कि उत्तर प्रदेश में नई बीजेपी सरकार को राज्य के छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि ऋण छूट के वायदे को पूरा करने के लिए अपने संसाधनों की तलाश करनी होगी।