चेन्नई में जीएसटी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यही लोग हैं जिन्होंने इस कर सुधार को लाने पर मजबूर किया है। साथ ही सभी सरकारों, केंद्रों और राज्यों को एक साथ लाया है। संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि जीएटी लागू करने में कुछ दिक्कतें जरुर आई हैं। लेकिन मैं इन दिक्कतों को लेकर सचेत हूं और इसलिए हम आज आपसब से बातचीत कर रहे हैं।
Several issues have been raised in the course of the day, I am conscious of various difficulties and that is why we are interacting: FM pic.twitter.com/XT41R61L4K
— ANI (@ANI_news) July 30, 2017
बता दें कि संसद के सेंट्रल हॉल में 31 जून की आधी रात को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम मोदी ने बटन दबाकर जीएसटी को लॉन्च किया था। जिसके बाद उसको 1 जुलाई से लागू किया गया। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी को संसद की मंजूरी के साथ ही राज्य विधानसभाओं से भी हरी झंडी मिल गई थी।
जीएसटी के लागू होने से हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। आम भारतवासी को जीएसटी से सबसे बड़ा फायदा होगा कि पूरे देश में सामान पर देश के लोगों को एक ही कर चुकाना होगा। इससे आम जनता को सस्ते और किफायती दरों पर सामान मिलेगा।
जीएसटी के लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी वगैरह भी खत्म हो जाएगी। गौरतलब है कि भारत में वर्ष 2006-07 के आम बजट में पहली बार इसका जिक्र किया गया था।