राहुल गांधी पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के साथ बातचीत की झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने दुनिया के सामने एक भारतीय राजनेता की छवि को गंभीर चोट पहुंचाई है।
अपने फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी विश्वसनीयता भी गंवा दी है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान गांधी ने कहा था कि मैक्रों ने उन्हें बताया था कि राफेल सौदे में कोई गोपनीय बोली नहीं लगती है। इसके बाद ही फ्रांस सरकार ने इस बयान को खारिज कर दिया था।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल पर अविश्वास प्रस्ताव की बहस को भी महत्वहीन बना देने का आरोप लगाया और कहा कि सच्चाई हमेशा पवित्र होती है। किसी को भी बहस को महत्वहीन नहीं बनाना चाहिए। जो व्यक्ति प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश रखते हैं, उन्हें अज्ञानता, झूठ और कलाबाजी का घालमेल नहीं करना चाहिए।
‘तुच्छता और अविश्वास प्रस्ताव’ शीर्षक से अपनी पोस्ट में जेटली ने लिखा है कि बहस में भाग लेने वाली हस्तियां आम तौर पर वरिष्ठ राजनेता होते हैं।
उनसे राजनीतिक बहस को ऊंचे स्तर तक ले जाने की उम्मीद की जाती है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव एक गंभीर मसला होता है। यह कोई ओछी हरकत का अवसर नहीं होता।