वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली पुलिस और यूपी एसटीएफ की मदद से देश में इस्लामिक स्टेट (आईएस) मॉड्यूल का पर्दाफाश करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तारीफ की है। दिल्ली और यूपी में एनआईए की कार्रवाई को आधार बनाते हुए जेटली ने देश में सभी कंप्यूटरों की निगरानी का अधिकार 10 केंद्रीय जांच एजेंसियों को देने के सरकार के फैसले का बचाव किया।
जेटली ने ट्वीट किया, ‘आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर एनआईए ने बेहतरीन काम किया है। क्या इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन की निगरानी के बिना एनआईए की आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई संभव थी?’ कांग्रेस पर हमला बोलते हुए जेटली ने लिखा, ‘सर्वाधिक निगरानी यूपीए शासन में हुई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है। जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता केवल मजबूत लोकतांत्रिक देश में सुरक्षित रहेगी, आतंकी प्रभुत्व वाले देश में नहीं।’
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीबीआई, एनआईए और ईडी समेत 10 केंद्रीय एजेंसियों को देश के सभी कंप्यूटरों की निगरानी का अधिकार दिया है। सरकार के इस फैसले का कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। अब जेटली ने आतंकी मॉड्यूल पर एनआईए के खुलासे के बहाने निगरानी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए विपक्ष को घेरने की कोशिश की है।