पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन के बाद आज उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अरुण जेटली के पार्थिव शरीर को गन कैरीज पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। दरअसल भारतीय कानून नियम के हिसाब से इस पर सिर्फ तीन लोगों को ही ले जाया जा सकता है। प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और राष्ट्रपति के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को गन कैरिज पर ले जाया जाता है।
बता दें कि अरुण जेटली रक्षा मंत्री भी रह चुके हें। इसलिए जेटली के पार्थिव शरीर को गन कैरीज पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जेटली मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में रक्षा मंत्री रहे हैं। रविवार यानी आज सुबह करीब 11 बजे उन्हें गन कैरिज वाहन पर बीजेपी के दफ्तर तक ले जाया गया।
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली रविवार को राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए। दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनके बेटे रोहन ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित कई राज्य के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के अलावा कई भाजपा सांसद मौजूद रहे। दोपहर तीन बजे अंतिम विदाई के वक्त कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के शीर्ष नेता भी मौजूद रहे।
निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार के वक्त महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत, कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, झारखंड के सीएम रघुबर दास, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंदीय मंत्री रामविलास पासवान, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, रामदास आठवले, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, प्रकाश जावड़ेकर, मुख्तार अब्बास नकवी, गौतम गंभीर जैसे बीजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।