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पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, बेटे रोहन ने दी मुखाग्नि

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 25 Aug 2019 03:28 PM IST
अरुण जेटली का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया - फोटो : AmarUjala

खास बातें

  • भाजपा मुख्यालय में कई मंत्रियों और नेताओं ने अरुण जेटली को दी श्रद्धांजलि।
  • पार्थिव शरीर को फूलों से सजी तोप गाड़ी में अंतिम संस्कार स्थल पर ले जाया गया।
  • सैकड़ों लोगों ने कतार में लगकर जेटली को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 
  • ‘जब तक सूरज चांद रहेगा जेटली तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारे गूंजे।
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने अनंत सफर पर रवाना हो गए। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा के संकटमोचक को अंतिम विदाई देने के लिए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, योग गुरु बाबा रामदेव और विपक्ष के कई दिग्गज नेता पहुचे। सभी नम आंखों से अपने दोस्त को विदाई दी। विदेश यात्रा पर होने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि उन्होंने उनके शोकाकुल परिवार से फोन पर बात की थी। बहरीन में अपना दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं यहां इतनी दूर हूं और मेरा दोस्त अरुण चला गया।
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भाजपा मुख्यालय में मंत्रियों और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

इससे पहले दिवंगत नेता अरुण जेटली का पार्थिव शरीर भाजपा मुख्यालय लाया गया जहां केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और वरिष्ठ पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर और आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित की।जेटली के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास से दीन दयाल उपाध्याय स्थित भाजपा मुख्यालय लाया गया। भाजपा मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कतार में खड़े थे और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा जेटली तेरा नाम रहेगा’ तथा ‘जेटली जी अमर रहें’ जैसे नारे लगा रहे थे।
 

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पीएम ने की जेटली के परिवार से बात

प्रधानमंत्री ने यूएई से ही जेटली की पत्नी संगीता और बेटे रोहन से बात की और उन्हें सांत्वना दी। जेटली के परिवार ने उनसे विदेश दौरा रद्द नहीं करने को कहा। दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्र नेता के रूप में राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत करने वाले जेटली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी थे। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री रहे थे।

उनकी गिनती देश के बेहतरीन वकीलों के तौर पर होती रही। 80 के दशक में ही जेटली ने सुप्रीम कोर्ट और देश के कई हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण केस लड़े। 1990 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने सीनियर वकील का दर्जा दिया। वीपी सिंह सरकार में वह अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल का पद संभाला था।

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पीएम बोले, मैंने अपना खास दोस्त खो दिया

जेटली का निधन ऐसे वक्त हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर अभी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, मैंने खास दोस्त खो दिया, जिन्हें दशकों से जानने का सम्मान मुझे प्राप्त था। मुद्दों पर उनकी समझ बहुत गहरी थी। वह हमें अनेक सुखद स्मृतियों के साथ छोड़ गए। 

उन्होंने देश को आर्थिक मजबूती दी। जेटली ने साहस और गरिमा के साथ लंबी बीमारी से जंग लड़ी। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि एक प्रतिभाशाली वकील, अनुभवी सांसद और प्रतिष्ठित मंत्री के रूप में जेटली ने राष्ट्र के निर्माण में बड़ा योगदान दिया।

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सॉफ्ट टिश्यू कैंसर समेत कई बीमारियों से थे पीड़ित

जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था। वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क गए थे और फरवरी में वापस लौटे। जेटली ने अप्रैल 2018 में भी दफ्तर जाना बंद कर दिया था। 14 मई 2018 को एम्स में ही उनके गुर्दे (किडनी) प्रत्यारोपण भी हुआ था, वे शुगर से भी पीड़ित थे। सितंबर 2014 में वजन बढ़ने की वजह से जेटली की बैरियाट्रिक सर्जरी भी कराई गई थी।

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विदेश में की घोटालों की पड़ताल

पिछले बीस वर्षों के दौरान जेटली ने वाणिज्य, सूचना प्रसारण, कानून, कंपनी मामले, वित्त, रक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। चाहे 1989 में बोफोर्स घोटाले की विदेशों में जाकर पड़ताल करनी हो, 2002 में गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देना हो या फिर 2009 से 2014 के दौरान राज्यसभा में बतौर नेता विपक्ष मनमोहन सिंह सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करना, वे हर बार नई ऊर्जा और रणनीति के साथ भाजपा की राजनीति को नई धार प्रदान करते नजर आते। इस साल मई में जेटली ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था।  

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