कांग्रेस को मुख्य सचेतक ने ही दिया झटका
बिल पेश होने से पहले कांग्रेस को उसके मुख्य सचेतक और राज्यसभा सदस्य भुवनेश्वर कालिता ने बड़ा झटका दिया। सुबह करीब नौ बजे सरकार के खिलाफ कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश करने वाले कालिता ने अचानक साढ़े दस बजे पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया।
कालिता ने कहा कि खुद प्रथम पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अनुच्छेद 370 को अस्थाई बताया था। उन्होंने कहा था कि यह अनुच्छेद धीरे धीरे घिसते घिसते खत्म हो जाएगा। अब कांग्रेस मुझे इसी का विरोध करने केलिए व्हिप जारी करने के लिए कह रही है। ऐसे में मैंने पार्टी छोडना उचित समझा।
पीडीपी सांसदों पर कार्रवाई तय
सोमवार को संकल्प और बिल पेश होने के दौरान संविधान की प्रतियां फाडने वाले पीडीपी के सांसदों मीर मोहम्मद फैयान और नजीर अहमद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। इन सांसदों ने बिल पेश होने के दौरान पहले अपने कपड़े फाड़े इसके बाद संविधान की प्रतियां फाडनी शुरू कर दी।
इससे नाराज सभापति वैंकया नायडू ने इन सांसदों को मार्शल के माध्यम से सदन से बाहर निकलवाया। सूत्रों ने बताया कि इस घटना से सभापति बेहद नाराज हैं। वह मंगलवार को इन सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने धारा 370 हो हटाने के फैसले पर कहा कि भाजपा की सरकार ने देश का सिर काट लिया है और यह भारत के साथ गद्दारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चीन और पाकिस्तान की सीमा से लगे संवेदनशील राज्य के साथ खिलवाड़ किया है जिसका उनकी पार्टी और दूसरे विपक्षी दल सदन के अंदर और बाहर पुरजोर विरोध करेंगे। सीमावर्ती राज्य में वहां की जनता को साथ लिए बिना सिर्फ सेना की बदौलत दुश्मन से नहीं लड़ा जा सकता।
उन्होंने कहा कि धारा 370 ने जम्मू-कश्मीर को एक सूत्र में बांधकर रखा था लेकिन सरकार ने सत्ता के नशे में और वोट हासिल करने के लिए राजनीतिक, संस्कृति और भूगोल से भिन्न तरह के राज्य में एक झटके में तीन-चार चीजों को खत्म कर दिया। जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों ने भारत के साथ बनाए रखने के लिए कुर्बानी दी है। अब राज्य में राज्यपाल नहीं बल्कि उपराज्यपाल होगा ऐसा करने से राज्य का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष बोलता था तो लोकसभा और राज्यसभा टीवी में दिखता था लेकिन सुबह 11 बजे से कांग्रेस और विपक्षी दल सदन में धरना दे रहे हैं जिसे नहीं दिखाया जा रहा है।
चिदंबरम बोले- संविधान के अनुच्छेदों की गलत व्याख्या की
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने जो किया है वो प्रत्याशित और जोखिम भरा है। सरकार ने संविधान के अनुच्छेदों की गलत व्याख्या की है। मैं सभी राजनीतिक दलों, राज्यों और देश की जनता से कहना चाहता हूं कि भारत का विचार गंभीर खतरे में है। यह भारत के संवैधानिक इतिहास का बहुत खराब दिन है।
लाल दुर्ग कहे जाने वाले जेएनयू में सोमवार को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की खुशी में जश्न का माहौल दिखा। कैंपस में एबीवीपी ने एकता और अखंडता यात्रा निकाली। इसमें आम छात्रों के साथ-साथ शिक्षक भी शामिल हुए। इस मौके पर छात्रों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी लगाए। जेएनयू कैंपस स्थित गंगा ढाबा से चंद्रभागा हॉस्टल तक सोमवार देर शाम कश्मीर की आजादी के नाम एकता व अखंड़ता यात्रा निकाली गई। इसका आयोजन एबीवीपी की जेएनयू इकाई की ओर से किया गया था।
एबीवीपी के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्रीनिवास जी ने कहा कि अभाविप मोदी सरकार के इस साहसिक कदम का स्वागत करती है। लगता है कि आज भारत को फिर से एक पटेल मिल गया। इकाई अध्यक्ष दुर्गेश कुमार ने कहा कि आज स्वर्ग में श्यामा प्रसाद जी की आत्मा प्रसन्न हो रही होगी। अनुच्छेद-370 को हटाकर ही पटेल, आंबेडकर, कलाम और अटल जी के सपनोँ के अखंड भारत की संकल्पना को सच करना है।