मणिपुर पुलिस ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को आशेम कानन सिंह को गिरफ्तार किया। वह मणिपुर पुलिस में हेड कांस्टेबल रहा है। लेकिन मार्च 2025 में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था, जिसमें सीमा पार हथियारों की तस्करी भी शामिल है। कानन सिंह मैतेई संगठन अरमबाई टेंगोल का सदस्य है।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने 2023 से मणिपुर में जारी हिंसा से जुड़ी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए कानन सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, सीबीआई ने आशेम सिंह (46 वर्षीय) को इंफाल से गिरफ्तार किया। जब तब तक मणिपुर पुलिस में हेड कांस्टेबल था, जब तक कि उसे 3 मार्च 2025 को हथियारों की सीमा पार तस्करी सहित विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के कारण सेवा से बर्खास्त नहीं कर दिया गया था।
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पुलिस ने कहा कि कानन सिंह को उसकी आपराधिक गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसमें गंभीर प्रकृति के कृत्य और गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता और उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सात जून की शाम से राज्य के घाटी क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और मणिपुर पुलिस व सुरक्षा बलों ने स्थिति पर काबू पा लिया।
इससे पहले, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 17 जनवरी 2024 को तेंगनोपाल जिले के मोरेह में सुरक्षा बलों पर हुए घातक हमले से जुड़े एक मामले में तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था। इस हमले में दो पुलिस कर्मी मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक थांगमिनलेन मते को मई में असम के सिलचर से हिरासत में लिया गया था वह कुकी संगठन इनपी तेंगनोपाल से जुड़ा हुआ था। अन्य दो आरोपी कमगिनथांग मंगते और हेंटिनथांग किपकेन को छह जून को मणिपुर से गिरफ्तार किया गया था।
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इन गिरफ्तारियों के बाद तेंगनोपाल और मोरेह जिलों में कुछ नागरिक समाज संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और बंद का आह्वान किया। मणिपुर पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि वह अवैध और आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की गिरफ्तारी से जुड़े प्रदर्शनों का समर्थन न करें।