छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्टेशन पर दो ननों और एक महिला की गिरफ्तारी पर विवाद गहराया है। उन पर जबरन धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप है। ऐसे में अब मेघालय के कैथोलिक संगठन ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिख आरोपों को झूठा बताया है। साथ ही रिहाई की मांग भी की है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा दो नन प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और एक अन्य महिला सुकामन मंडावी की गिरफ्तारी का मामले में चर्चा तेज होती जा रही है। ऐसे में अब मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में कैथोलिक ईसाइयों के एक संगठन कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ शिलॉन्ग (सीएएस) ने भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर इन दो ननों की गिरफ्तारी पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया है।
बता दें कि ये पूरा मामला 25 जुलाई का है। जब छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने नन प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और एक अन्य महिला सुकामन मंडावी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि ये तीनों महिलाएं नारायणपुर जिले की तीन युवतियों को धार्मिक रूपांतरण और मानव तस्करी के इरादे से ले जा रही थीं। शिकायत बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी ने दर्ज कराई थी।
बताया अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन