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Video: सेना के 600 पैराट्रूपर्स ने आसमान में लगाईं छलांग, चीन की सीमा के पास दिखाई अपनी ताकत

Sat, 26 Mar 2022 02:42 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिलीगुड़ी

सार

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में पिछले तीन हफ्तों में यह इस तरह का दूसरा अभ्यास था। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भारत का 'चिकन नेक' भी कहा जाता है जो न सिर्फ व्यापारिक और भौगोलिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत का एक अहम क्षेत्र है। 
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600 पैराट्रूपर्स ने आसमान में लगाई छलांग - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय सेना की एयरबोर्न रैपिड रिस्पांस टीम के लगभग 600 पैराट्रूपर्स ने 24 और 25 मार्च को एक हवाई अभ्यास के दौरान सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास आसमान से छलांग लगा दी। यह क्षेत्र चीन की सीमा के नजदीक है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में पिछले तीन हफ्तों में यह इस तरह का दूसरा अभ्यास था। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। बता दें कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भारत का 'चिकन नेक' भी कहा जाता है जो न सिर्फ व्यापारिक और भौगोलिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत का एक अहम क्षेत्र है।  सिलीगुड़ी गलियारा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमा से लगती जमीन है और चीन की सीमा भी पास ही है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र को शेष भारत से जोड़ता है और सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अभ्यास का उद्देश्य उन्नत फ्री-फॉल तकनीक, प्रविष्टि, निगरानी, टारगेट प्रैक्टिस और दुश्मन की लाइन से पार जाकर ताकत का प्रदर्शन करना था। सिलीगुड़ी रणनीतिक रूप से अहम है इसलिए यहां पर भारतीय सेना, असम राइफ्लस, सीमा सुरक्षा बल और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गश्त लगाई जाती है। 

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