सेना की भर्ती के दौरान हुए घोटाले को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। दरअसल, सेना अब उन अधिकारियों और कैडेट्स के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है, जिन्होंने सैन्य भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार किया है। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि अब उन अधिकारियों, कैडेट्स को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, जो घूस(रिश्वत) देकर सेना में शामिल हुए हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों को भी सेना से बर्खास्त कर दिया जाएगा, जो पहले से ही अधिकारी बन चुके हैं या विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
सेना में भर्ती घोटाले का मामला सीबीआई देख रही है। साथ ही भारतीय सेना के अधिकारी भी इस मामले की जांच में सक्रिय रूप से शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इस सैन्य घोटाले में शुरू में पकड़े गए अधिकारियों और अभ्यर्थियों से सीबीआई पूछताछ कर रही है। सेना की तरफ से कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल पाए गए थे।
भारतीय सेना ने यह भी कहा कि इस मामले में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को अनदेखा नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति जो सेना में शामिल होने के लिए रिश्वत देते हुए पाया जाता है, चाहे वह पहले से ही कमीशन किया गया हो या प्रशिक्षण से गुजर रहा हो, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि किसी भी तरह से कोई सैन्य अधिकारी और जवान किसी अनैतिक काम या वित्तीय भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सैन्य भर्ती घोटाले की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई थी कि कुछ अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से घूस लेकर उन्हें पिछले साल दिसंबर के राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के लिए पास कर दिया था। सीबीआई ने इस साल 13 मार्च को इस मामले में केस दर्ज किया था। सीबीआई ने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर, नायब सूबेदार जैसे अधिकारियों, छह सिविलियन और अन्य समेत 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन लोगों के खिलाफ एसएसबी के जरिये सेना में अफसरों और अन्य पदों पर भर्ती में घूस लेने और अन्य अनियमितताएं बरतने का आरोप है।