भारतीय वायु सेना की ओर से 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के हमले का भारत करारा जवाब देने को तैयार था। अगर पाकिस्तान राजौरी में भारतीय आयुध भंडार पर बम गिराता तो उसे करारा जवाब दिया जाता।
बता दें कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद अगले दिन पाकिस्तान वायु सेना ने सीमा पर जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की थी, पर भारतीय सेना ने इसे नाकाम कर दिया था।
बुधवार को सेना के सूत्रों ने बताया है कि अगर पाकिस्तान वायु सेना किसी भी तरह भारतीय आयुध भंडार को नुकसान पहुंचाने में कामयाब हो जाती तो भारत भी जवाबी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार था। बता दें कि 26 फरवरी को भारत ने पुलवामा हमले में 40 जवानों की मौत का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर कार्रवाई की थी।
एयरस्ट्राइक के अगले दिन हवाई संघर्ष
अगले दिन हुए हवाई संघर्ष में पाकिस्तान वायु सेना ने भारत के एक मिग-21 बाइसन को गिरा दिया और भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्धमान को पकड़ लिया। उन्हें एक मार्च को भारत को सौंप दिया गया। वर्धमान ने अपना विमान क्षतिग्रस्त होने से पहले पाकिस्तान के एक एफ-16 विमान को मार गिराया था।
27 फरवरी को हुए हवाई संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने कहा था कि उसके सैन्य विमानों ने जानबूझकर भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमला नहीं किया और नई दिल्ली को एक मजबूत संदेश भेजने के लिए यह कार्रवाई की गई थी।
सेना के सूत्रों ने बताया कि अगर पाकिस्तान ने कश्मीर के आयुध भंडार जैसी महत्वपूर्ण जगह को निशाना बनाया होता तो भारत निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई करता। बालाकोट हमले के बाद भारतीय सेना ऐसी किसी भी घटना से निपटने के लिए पहले से तैयार थी।
सिक्किम सेक्टर में आईबीसी तैनात करने की तैयारी
सूत्रों ने बताया कि सेना ने एकीकृत युद्ध समूह (आईबीसी) को सिक्किम सेक्टर में में तैनात करने की योजना बनाई है। इसके बाद इसे अहम जगहों पर तैनात किया जाएगा। आईबीसी में आर्टिलरी गन, तोपें, वायु रक्षा व रसद शामिल होती है। इसका उद्देश्य एक संपूर्ण युद्ध इकाई का गठन करना है। इसका नेतृत्व मेजर जनरल रैंक के अधिकारी करते हैं।