रक्षा मंत्रालय ने सीमा पर तैनात सैनिकों को पड़ोसी देशों से होने वाली आतंकी घुसपैठ और संघर्ष विराम का उल्लंघन रोकने के लिए अब तक की सबसे बड़े सौदे को अपनी मंजूरी दे दी है।
3547 करोड़ रुपये के खरीदे जाएंगे हथियार
मंत्रालय की सैन्य सामान खरीदने वाली काउंसिल ने 3547 करोड़ रुपये के हथियार खरीदने की मंजूरी दी है। इसके तहत करीब 72400 असॉल्ट राइफल और 93895 कारबाईन खरीदी जाएंगी। यह सभी राइफल और कारबाईन सीमा पर तैनात सैनिकों को दी जाएंगी, ताकि वो दुश्मन के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे सकें।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस डील को हरी झंडी दी गई है। भारतीय सेना के लिए इस डील के मायने इसलिए अहम है क्योंकि जल्द ही बीएसएफ और आईटीबीपी में 15 नई बटालियन का गठन किया जाएगा। यह दोनों पैरा-मिलिट्री देश की पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश से लगती सीमा की सुरक्षा करती हैं। ऐसे में हथियारों की सबसे ज्यादा जरुरत महसूस की जाती है।
सेनाध्यक्ष ने पाकिस्तान को दी थी चेतावनी
भारतीय सेना के 70वें आर्मी डे पर जनरल बिपिन रावत ने दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने इशारों में पाकिस्तान को चेताया और कहा कि अगर हमें मजबूर किया गया तो मजबूत कार्रवाई करने में हम पीछे नहीं हटेंगे। रावत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर उल्लंघन किया जा रहा है और ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रावत ने कहा कि घुसपैठियों को भारत में घुसने के लिए पाकिस्तान की ओर से मदद मिलती है, इसलिए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती से निपटने को तैयार है और जरूरत पढ़ी तो हर संभव कदम उठाया जाएगा।
रावत ने कहा कि आधुनिकता पर जोर दिया जा रहा है, इसलिए कई चरणों में सेना को आधुनिक करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। लड़ाई की क्षमता में बढ़ावा से लेकर हवाई निगरानी भी बढ़ाई जा रही है।