भारतीय सेना ने नई जेनरेशन की खास राइफल की तलाश में है। पहले ही ऐसी राइफल की खरीद की कोशिश कर चुकी भारतीय सेना दोबारा प्रयास तेज कर दिए हैं। अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, अव्यवहारिक तकनीकी जरूरतों और भ्रष्टाचार के डर से भारत की कोशिश सफल नहीं सकी थी। इसके साथ ही यह बहस भी हो रही कि जो राइफल खरीदी जाए वे दुश्मन को 'मारने' या सिर्फ 'घायल' करने में सक्षम होनी चाहिए।
सेना एक बार में ही 65,000 राइफल्स खरीदना चाहती है। इसके साथ ही करीब 1,20,000 राइफल्स भारत में भी बनाई जानी हैं। करीब 12 लाख जवानों की सेना के लिए यह यह बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है जिस पर करीब एक बिलियन डॉलर खर्च आएगा।