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मणिपुर: निगरानी क्षमता बढ़ाने का काम जारी, सामान्य हालात बनाने को दिन-रात सेना और असम राइफल्स कर रही काम

Mon, 08 May 2023 02:47 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय सेना के अनुसार, असम राइफल्स और सेना के 100 से ज्यादा कॉलम 96 घंटे से निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए काम रहे हैं। साथ ही वायुसेना से जुड़े संसाधनों के इस्तेमाल को भी बढ़ाया जा रहा है।
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निगरानी क्षमता बढ़ाने का काम जारी - फोटो : social media
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विस्तार
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मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों पर सेना ड्रोन और हेलिकॉप्टरों के जरिये कड़ी नजर रख रही है। पिछले हफ्ते हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित चुराचांदपुर जिले में भी कर्फ्यू में ढील दी गई। वहीं आम जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए सेना और असम राइफल्स के 100 से अधिक कॉलम काम कर रहे हैं। 

 

भारतीय सेना के अनुसार, असम राइफल्स और सेना के 100 से ज्यादा कॉलम 96 घंटे से निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए काम रहे हैं। साथ ही वायुसेना से जुड़े संसाधनों के इस्तेमाल को भी बढ़ाया जा रहा है। वहीं, भीतरी इलाकों के साथ ही भारत-म्यांमार सीमा पर भी निगरानी के लिए हवाई वाहनों और हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। 

 

सेना ने कहा कि वायुसेना से जुड़े संसाधनों में बढ़ोतरी होने से सेना और असम राइफल्स की प्रभावशीलता को एक प्रमुख प्रोत्साहन मिला है। इसकी वजह से मणिपुर में न केवल भीतरी इलाकों में, बल्कि भारत-म्यांमार सीमा पर फिलहाल शांति बनी हुई है। इससे विभिन्न शिविरों में रहने वाले समूह या विद्रोही पर भी नजर रखी जा रही है, जिससे वे किसी भी घटना को अंजाम न दे सकें। 

 

गौरतलब है, ये जिला जातीय हिंसा का केंद्र बन गया था, जिसमें अब तक कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक घर जल गए हैं। हिंसा प्रभावित इलाकों से अब तक 23,000 लोगों को बचाया जा चुका है। हालात को सामान्य बनाने के लिए सेना और असम राइफल्स के जवानों ने फ्लैग मार्च भी किया और आम जनजीवन कुछ हद तक सामान्य होने लगा है, लेकिन माहौल में तनाव साफ देखा जा रहा है।

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