फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना की सर्विस में शारीरिक फिटनेस जरूरी: HC

Wed, 08 Feb 2017 05:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि सेना की सर्विस में उच्चतम शारीरिक फिटनेस का होना जरूरी है। अदालत ने सेना की सेवा में अयोग्य ठहराए गए एक व्यक्ति की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी.के. राव की खंडपीठ ने अपने फैसले में केंद्र सरकार के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि याचिकाकर्ता के दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में दोष है। इस दोष के कारण वह प्रतिकूल प्रभावी ढंग से हथियारों के ट्रिगर का उपयोग करने में पूरी तरह सक्षम नहीं है।
विज्ञापन


अदालत ने याची प्रवेश के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें उसे सेना में सर्विस के लिए स्थायी रूप से अयोग्य करार दिया था। याची ने आग्रह किया था कि सेना को उसे चेन्नई में प्री-कमीशन ट्रेनिंग पूरी करने की इजाजत प्रदान करने का निर्देश दिया जाए।

 
विज्ञापन

सेना में सेवा के लिए शारीरिक फिटनेस की उच्चतम डिग्री की आवश्यकता होती है

खंडपीठ ने कहा इसमें कोई शक नहीं है कि सेना में सेवा शारीरिक फिटनेस की उच्चतम डिग्री की आवश्यकता होती है। अदालत ने कहा याची की उंगली में दोष होने के कारण वह हथियार चलाने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है।

अदालत ने केंद्र सरकार के उस तर्क को भी स्वीकार कर लिया जिसमें कहा गया था कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान पैदल सेना या तोपखाने, तकनीकी विंग या सेना की चिकित्सा विंग को भी हथियारों का प्रयोग करना पड़ता है।

अदालत ने माना कि प्री-कमीशन में शामिल होने से पूर्व याची ने चिकित्सा जांच में धोखा किया था जिससे उसकी कमी के बारे में पता नहीं चल पाया था। उसने अधिकारियों को अपनी चिकित्सा जांच में संबंध में गुमराह किया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें