भारतीय सेना (सांकेतिक तस्वीर)।
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भारतीय सेना ने 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी भविष्य की संचार प्रौद्योगिकियों के सैन्य उपयोग पर अनुसंधान और मूल्यांकन के लिए एक खास यूनिट गठित की है। इसे सेना ने सिग्नल टेक्नोलॉजी इवैल्यूएशन एंड एडाप्टेशन ग्रुप (स्टेज) नाम दिया है।
दक्ष और उन्नत बनाने की जरूरत
सेना ने बताया कि स्टेज की स्थापना भविष्य के युद्धक्षेत्र को ध्यान में रखते हुए प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के सेना के प्रयासों का हिस्सा है। इसके जरिये सेना विशिष्ट प्रौद्योगिकी का उपयोग करने, अत्याधुनिक समाधानों का लाभ उठाने और शिक्षा व उद्योग के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर रक्षा अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त मामलों की पहचान करने की क्षमता को बढ़ाएगी। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे युद्ध की बदलती प्रकृति के मद्देनजर रक्षा बलों को नई तकनीकों के लिहाज से दक्ष और उन्नत बनाने की जरूरत पर जोर डालते रहे हैं।
सशस्त्र बलों को उद्योग और शिक्षा जगत से जोड़ने का तरीका
वहीं, एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत और स्टार्ट-अप इंडिया के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए सेना ने स्टेज के जरिये सशस्त्र बलों को उद्योग और शिक्षा जगत से जोड़ने का तरीका निकाला है। यह एक तरह का उत्कृष्टता केंद्र होगा जो उच्च-स्तरीय संचार प्रौद्योगिकी के मामले में देश की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। इस क्षेत्र में अब तक उन्नत अर्थव्यवस्थाओं और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र वाले चुनिंदा देशों का एकाधिकार रहा है।