सेना ने बिहार के गया में चल रहे टीईएस प्रशिक्षण को रद्द करने से इनकार किया है। सेना ने कहा कि इसे रद्द नहीं किया जा रहा है, इसे बिहार के गया स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) से आईएमए देहरादून में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
सेना ने ट्वीट कर कहा, 'हमारा प्रस्ताव गया के ओटीए में चल रहे टीईएस प्रशिक्षण को आईएमए देहरादून में स्थानांतरित करने का है। इसका उद्देश्य आईएमए में प्रशिक्षण के लिए बुनियादी ढांचे को अनुकूल बनाना है। टीईएस के बंद करने की बात बिल्कुल गलत है। यह एक अफवाह है। टीईएस प्रशिक्षण जारी रहेगा।'
सेना ने एक अन्य ट्वीट में कहा, इसके स्थानांतरण से ओटीए, गया में जो जगह खाली होगी वह केंद्र सरकार कुछ ऐसा बनाएगी जो उसके लिए बहुत बड़ी ताकत बनेगी। बताया जा रहा है कि यहां इन्फेंट्री रेजीमेंटल केंद्र बनाया जा सकता है। यह प्रस्ताव स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति और आजीविका के लिहाज से लाभदायक होगा। साथ ही आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
बता दें कि, कुछ दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया में अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) को बंद करने के फैसले का विरोध किया था। इस संबंध में नीतीश कुमार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखते हुए इसे फैसले को हैरानी भरा बताया था।
अपने पत्र में नीतीश कुमार ने कहा था कि मैंने कुछ समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया में गया के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी को बंद करने की खबर सुनी है। ये मामला बेहद हैरान और परेशान करने वाला है।
उन्होंने कहा था कि ओटीए न केवल क्षेत्र में रोजगार के अवसर मुहैया करा रही थी बल्कि अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्र में सुरक्षा की भावना पैदा करने में भी उसका योगदान रहा। इसने क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका में भी मदद की। ये फैसला राज्य के हितों और बिहार की जनता के प्रति अन्याय होगा।
सैन्य अधिकारी ने बुधवार को कहा कि ओटीए कैडेट गया में जिस जगह को खाली करेंगे वहां सिख लाइट इन्फैंट्री रेजीमेंटल केंद्र बनाया जा सकता है जो इस समय उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में राजपूत रेजीमेंटल केंद्र के साथ चल रहा है।