देश की एकता और अखंडता के लिए जीवन न्यौछावर करने वाले वीर जवानों के सम्मान में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 2025 में 77 वां भारतीय सेना दिवस पूरे देश में भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में मौजूद मिलिट्री स्टेशन सप्त शक्ति कमांड ने भी 77 वां आर्मी डे उत्साह के साथ मनाया।
इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर, सप्त शक्ति कमांड ने प्रेरणा स्थल पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान आर्मी कमांडर मनजिंदर सिंह ने सभी सैन्य अधिकारी, सैनिक, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को भी आर्मी डे की शुभकामनाए दी। सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने इस दौरान मौजूद सैनिकों से चर्चा करते हुए उनके अडिग समर्पण, अद्वितीय साहस और कर्तव्य के प्रति निष्ठा की सराहना की। उन्होंने राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत में भारतीय सेना की भूमिका को भी सराहा।
उन्होंने कहा, सेना दिवस पर हम अपने सैन्य कर्मियों के असाधारण साहस, अटूट प्रतिबद्धता और बलिदान का सम्मान करते हैं। हमारे राष्ट्र की रक्षा करने और हमारी संप्रभुता को बनाए रखने में उनका अथक समर्पण उनकी बहादुरी का प्रमाण है। यह दिन हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को पुनः समर्पित करने का अवसर प्रदान करता है।
बुधवार को आर्मी डे के अवसर पर सप्त शक्ति कमांड के विभिन्न स्टेशनों पर भी आर्मी डे को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जयपुर के अलावा बीकानेर, भटिंडा, सूरतगढ़, हिसार, श्रीगंगानगर, कोटा और अन्य मिलिट्री स्टेशनों पर भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में "Know Your Army" मेला, उपकरण प्रदर्शन, रन फॉर फन, पीस वॉक, युद्ध स्मारकों की दौरा, क्विज़ और प्रतियोगिताए, एनसीसी कैडेट्स, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ वार्तालाप, सम्मान समारोह और सतत मिलाप जैसी गतिविधिया शामिल थीं।
दरअसल, सेना दिवस का यह वार्षिक उत्सव देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने वाले भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी, समर्पण और बलिदान का सम्मान करता है। यह दिन राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और एकता को बढ़ावा देने में भारतीय सेना द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को प्रतिबिंबित करने का दिन है।
इसलिए मनाया जाता है आर्मी डे
साल 1949 में जनरल के.एम. करियप्पा ने भारत के पहले सेनाध्यक्ष के रूप में अपना पद ग्रहण किया था। यह एक ऐतिहासिक पल था। क्योंकि पहली बार भारतीय सेना की कमान किसी भारतीय के हाथ में आई थी। ब्रिटिश राज के बाद, यह भारत के सैन्य इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ था। जनरल करियप्पा ने 15 जनवरी को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। इसलिए हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे मनाया जाता है।
सेना दिवस हमें हमारे वीर सैनिकों के अनगिनत बलिदानों की याद दिलाता है। यह उत्सव का भी दिन है। इस दिन हम भारत के वीर सैनिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता को व्यक्त करते हैं। भारतीय सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है। सेना दिवस उन वीर जवानों को याद करने का दिन है, जिन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपनी जान तक दे दी। यह दिन सेना के साहस और ढृढ़ संकल्प को दर्शाता है।