बीते साल 17 माउंटेन डिवीजन क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग कोर्स के लिए सिक्किम आई महिला सैन्य अधिकारी का यौन शोषण करने के मामले में आर्मी के जनरल कोर्ट मार्शल (जीसीएम) ने कार्रवाई की है। जीसीएम ने मामले में गैर-कमीशन अधिकारी (एनसीओ) को दोषी पाया गया है।
आर्मी के जनरल कोर्ट मार्शल (जीसीएम) में एक गैर-कमीशन अधिकारी (एनसीओ) को यौन शोषण का दोषी पाया गया। आर्मी कोर्ट ने एनसीओ के लिए सेवा से बर्खास्तगी और एक साल की जेल की सजा की सिफारिश की है। गैर-कमीशन अधिकारी (एनसीओ) को महिला कप्तान यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, यह घटना बीते साल उस समय हुई थी जब महिला अधिकारी 17 माउंटेन डिवीजन क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग कोर्स के लिए सिक्किम आई थी। यहां वह एक आधिकारिक आवास में रह रही थी।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि सिक्किम में 17 माउंटेन डिवीजन द्वारा बुलाई गई कोर्ट मार्शल में हवलदार पर सैन्य नर्सिंग सेवा से संबंधित महिला अधिकारी के साथ छेड़छाड़ का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा उस पर लगाया गया एक और आरोप यह था कि महिला अधिकारी के कमरे में जबरन घुसने के बाद उसने आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी।
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सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद महिला अधिकारी किसी तरह कमरे से भागने में सफल रही और वहां मौजूद अधिकारियों से इसकी शिकायत की। मामले के संज्ञान में आने के बाद सेना के अधिकारियों ने इस पर तेजी से कार्रवाई की और एनसीओ के ट्रायल में रखा गया, जहां वह आरोपी पाया गया।
इसके बाद आरोपी एनसीओ का कोर्ट मार्शल सिक्किम में 617 ईएमई बटालियन में हुआ। इस मामले में अध्यक्ष अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक शाही थे जबकि अभियोजन पक्ष के वकील अक्षित आनंद थे। मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक शाही ने पिछले सप्ताह आरोपी सेवा से बर्खास्त करने के साथ-साथ एक साल की जेल की सजा देने की सिफारिश की है।