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हर आर्मी हेडक्वार्टर पर लगेगी शिकायत पेटिका: सेना प्रमुख

Sat, 14 Jan 2017 12:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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विपिन चंद्र रावत
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अर्धसैनिक बल बीएसएफ, सीआरपीएफ के बाद अब सेना के जवान की ताजा वीडियों शिकायत पर सेना नेतृत्व सतर्क हो गया है। सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने जवानों की शिकायत के लिए संवाद का सीधा रास्ता खोला है। रावत ने कहा कि देश के किसी भी कोने में ड्यूटी कर रहा जवान सील बंद लिफाफे में अपनी  शिकायत सीधा सेना मुख्यालय भेज सकता है।
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सेना की कमान संभालने  के बाद शुक्रवार को बुलाई गई पहली  प्रेस कांफ्रेंस में रावत ने शिकायत के निबटारे और शिकायतकर्ता के नाम की गोपनीयता की गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि वह जवानों की शिकायत अपने दो सबसे विश्वसनीय अधिकारियों के साथ निबटाएंगे। लिहाजा शिकायत में  वह अपना नाम जरुर लिखें। जांच के आदेश के पहले उनका नाम हटा लिया जाएगा ताकि कोई अधिकारी बदले की भावना से शिकायतकर्ता का नुकसान नहीं पहुंचा सके। 

रावत के मुताबिक हालांकि शिकायत के लिए व्यवसा पहले से है। लेकिन उसे कारगर  बनाने की जरुरत है। रावत ने कहा कि सेना के कई केंद्रों पर शिकायत एवं सुझाव पेटी रखी होती है। जवान बंद लिफाफे में अपनी शिकायत उसमें डाल सकते हैं। व्यवस्था ऐसी की जा रही है कि वह लिफाफा सीधा उनके पास पहुंचेगा। सेना प्रमुख ने आगाह किया कि सोशल मीडिया दो धारी हथियार है। इसके इस्तेमाल के नुकसान भी हैं। 
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गौरतलब है कि राजपूत रेजिमेंट के लांस नायक ज्ञान ने सोशल मीडिया पर लोड किए गए वीडियो में सेनाम में सेवादार यानि बॉडी के चलन के खिलाफ शिकायत की है। ज्ञान ने कहा है कि उसके वरिष्ठ अधिकारी उससे बहुत बुरा व्यवहार करते हैं।
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ड्यूटी के दौरान बॉडी व्यवस्था के पक्ष में रावत

जनरल रावत सेना की फॉरवार्ड पोस्टिंग और उग्रवाद प्रभावित इलाकों में ड्यूटी के दौरान सेवादार यानि बॉडी की व्यवस्था के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि परिवार से दूर इन इलाकों में अधिकारियों और सेवादार के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव हो जाता है। ऐसे में वह एक दूसरे से अपने मन की बात कर अपनी कुंठा निकालते हैं। 

यह व्यवस्था युद्ध के समय भी काफी कारगर होती है। यह अंग्रेजों के समय की बनाई हुई व्यवस्था  है। हालांकि सेना में यह प्रावधान भी है कि अगर कोई जवान सेवादार की भूमिका नहीं निभाना चाहे तो उससे इनकार कर सकता है। 

गौरतलब है कि वायुसेना और नौसेना के अलावा अर्धसैनिक  बल में सेवादार का प्रावधान खतम कर दिया गया है। इस सवाल पर रावत ने कहा कि कहने को इसे खतम कर दिया गया है लेकिन सच्चाई यह है कि दूसरे तरीकेसे यह सेवा ली जा रही है।
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