भारत में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू है। स्थिति दिन प्रति दिन बिगड़ती जा रही है। हर रोज कोरोना मरीजों की संख्या साढ़े तीन लाख के पार पहुंच रही है। कोरोना महामारी से निपटने में भारतीय सेना और सशस्त्र बलों का योगदान भी अहम साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सेना और सशस्त्र बलों के प्रमुखों से मुलाकात कर रहे हैं इसी कड़ी में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्मी चीफ मनोज नरवणे से मुलाकात की और महामारी के खिलाफ सेना के जरिए की जा रही मदद और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। जनरल एमएम नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि अलग-अलग राज्यों में सेना के मेडिकल स्टाफ अपनी सेवा दे रहे हैं। साथ ही राज्यों में सेना के अस्थाई अस्पताल खोले गए हैं।
सेना के मेडिकल स्टाफ अस्पतालों में कर रहे काम
सेना प्रमुख ने पीएम मोदी को ऑक्सीजन टैंकरों और गाड़ियों के प्रबंधन में सेना की ओर से पहुंचाई गई मदद के बारे में भी अवगत कराया। बता दें कि पिछले दिनों सीडीएस जनरल बिपिन रावत और पीएम मोदी ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सशस्त्र बलों के जरिए की जा रही तैयारियों और संचालन की समीक्षा की थी। पीएम से मुलाकात के बाद बिपिन रावत ने बताया था कि पिछले दो साल में सेवानिवृत्त हुए सभी मेडिकल कर्मचारी अपने घरों के पास स्थित कोरोना केन्द्रों में अपनी सेवा देंगे। साथ ही नौसेना तथा वायुसेना के समान मुख्यालयों में तैनात सभी मेडिकल अफसर नजदीकी अस्पतालों में तैनात किए जाएंगे।
कोरोना मामलों में भारी इजाफा
गौरतलब है कि गुरुवार को देश में अबतक कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए हैं। 3,79,257 नए केस सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामले 1,83,76,524 हो गए हैं। जबकि मौत के आंकड़ों में भी उछाल है।