सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शुक्रवार को कहा कि सीमा पर बन रहे नए पुल पाकिस्तान के मोर्चे पर सेना की क्षमताओं को और बढ़ाएंगे। हाल में तैयार हो रहे 10 मीटर पाट के पुलों की मदद से सेना के टैंक, बख्तरबंद जंगी वाहनों को पश्चिमी मोर्चे पर कम समय में पहुंचाने में मदद मिलेगी।
मेक इन इंडिया के तहत 492 करोड़ की लागत से तैयार हुए 10 मीटर पाट के 12 पुल सेना को सौंपे गए हैं।
टैंक, बख्तरबंद जंगी वाहनों को पश्चिमी मोर्चे पर कम समय में पहुंचाने में मिलेगी मदद
नरवणे ने कहा, अब तक हमारे पास पांच व 15 मीटर पाट के पुल थे और 10 मीटर पाट की जरूरत थी। यह अंतर भी अब जल्द ही पूरा होगा जिसके साथ ही पाकिस्तान से मुकाबले में हमारी सेना की क्षमता में इजाफा होगा। इन पुल की मदद से छोटी नदियाें, नहरां जैसी बाधाएं पार करना सेना के लिए आसान होगा।
अगस्त तक 30 पुल और तैयार होंगे
नरवणे ने 10 मीटर पाट के पुलों के निर्माण को आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सफल कदम बताया। इस पुल का डिजाइन डीआरडीओ ने तैयार किया और लार्सन एंड टूब्रो ने इसका निर्माण किया है। डीआरडीओ प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने बताया कि एलएंडटी अगस्त तक 30 पुल तैयार कर सेना को सौंपेगी।