हाल ही भारतीय सैनिकों के तनाव पर जारी रिपोर्ट को सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा तनाव बुरी चीज नहीं है। मैं भी तनाव में हूं।
उन्होंने कहा कि सिर्फ 400 सैनिकों पर आधारित रिपोर्ट से हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते हैं। साथ ही कहा कि सैनिकों के तनाव को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और जवानों के आत्महत्या की घटनाओं में भी कमी आई है।
थिंक टैंक युनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई) के अध्ययन में यह बताया था कि सेना हर साल खुदकुशी व अन्य घटनाओं के चलते करीब 100 से ज्यादा सैनिक यानी हर तीसरे दिन एक सैनिक को खो रही है।
इसके अलावा अध्य्यन में बताया था कि तनाव के चलते सैनिक उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी, मनोविकार, न्यूरोसिस व अन्य बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि विवाद होने पर यूएसआई की वेबसाइट से इस रिपोर्ट को पिछले सप्ताह हटा लिया गया।
जनरल नरवणे ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट पढ़ी, ये सिर्फ चार सौ लोगों पर सर्वे किया गया था। इस रिपोर्ट में नमूनों का आकार उचित नहीं था,साथ ही जनरल ने कहा कि ऐसे अध्ययन के लिए नमूने का आकार 19,000 होना चाहिए था।
यूएसआई की वेबसाइट पर पिछले महीने अपलोड किए गए अध्ययन में कहा गया था कि बीते 15 वर्षों में भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय ने तनाव कम करने के विभिन्न उपायों को लागू किया, लेकिन इसके नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। हालांकि अब वेबासाइट पर ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है।