आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर भारतीय सेना की तैयारियों की समीक्षा की। आर्मी चीफ अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के अपने दो दिवसीय दौरे पर हैं। सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अरुणाचल प्रदेश ऐसा राज्य है, जोकि तीन ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटा है। इसकी 1080 किलोमीटर की सीमा चीन से सटती है, जबकि 520 किमी सीमा म्यांमार से और 217 किमी सीमा भूटान से सटती है।
आर्मी चीफ ने अपने पूर्वोत्तर के इस दौरे की शुरुआत नागालैंड के दीमापुर स्थित रंगापहर मिलिट्री कैंप से की, जोकि भाला कोर मुख्यालय है। यहां उन्होंने एलएसी स्पीयर कॉप्स की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की और संतोष जताया।
अधिकारियों ने बताया कि आर्मी चीफ विपिन रावत ने सेना के आतंकवाद निरोधी अभियानों पर संतुष्टि जताई है। मालूम हो कि स्पीयर कॉप्स पर पूर्वोत्तर में आतंकरोधी अभियानों के अलावा, चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश के एलएसी की भी जिम्मेदारी है।
आर्मी चीफ ने राज्यपाल से भी बात की
सेना प्रमुख ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी डी मिश्रा को बुलाया और यहां राजभवन में उनसे बातचीत की। जनरल रावत ने बड़े पैमाने पर भारतीय सेना की मदद करने के लिए राज्य के लोगों की प्रशंसा की और राष्ट्रहित में उनके एकजुट प्रयासों पर जोर दिया।
अरुणाचल के युवाओं की भर्ती के लिए उन्होंने राज्यपाल के प्रयासों को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल कई अरुणाचली लोगों पर गर्व करते हैं, जो शानदार अधिकारी हैं।