रक्षा उद्योग के घरेलू विकास का जोरदार रूप से समर्थन करते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि अगला युद्ध स्वदेशी हथियारों से ही लड़ा जाना चाहिए। एफआईसीसीआई में रक्षा आधुनिकीकरण पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए रावत ने कहा, ‘हमें अगला युद्ध स्वदेशी हथियारों के बल पर ही जीतना होगा।’
सेना प्रमुख ने चीन और पाकिस्तान के साथ लगती सीमाओं पर पैनी नजर रखने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में सैन्य प्रतिष्ठानों व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी इंटेलिजेंस और निगरानी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस संदर्भ में, जनरल रावत ने पठानकोट और उरी आतंकवादी हमलों के बारे में भी बात की और जोर दिया कि किस तरह सैन्य प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा चिंता का विषय बन रही है। रावत ने कहा कि रक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी सरकार से हाथ मिलाना चाहिए।