सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि कश्मीर समस्या पर बात करने के लिए नियुक्त किए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति का घाटी में चल रहे सैन्य ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के मामलों में कमी आई है और स्थिति बेहतर हो रही है।
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कश्मीर समस्या से निपटने का सरकार का तरीका कारगर साबित हुआ है।’ एफआईसीसीआई के एक कार्यक्रम से इतर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया।
मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति से घाटी में सैन्य ऑपरेशन पर कुछ असर पड़ेगा? उन्होंने कहा, ‘मेरा एक शब्द में जवाब नहीं है। बिल्कुल भी असर नहीं पड़ेगा।’
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गौरतलब है कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने नए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर को जम्मू-कश्मीर मामले में सभी समूहों से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई है।