फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'तेजस' और 'अर्जुन' के नए वर्जन को सेना का इंकार, विदेशी लड़ाकू वाहनों की उठाई मांग

Mon, 13 Nov 2017 08:49 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
विज्ञापन
अर्जुन
विज्ञापन
भारतीय सेना और एयरफोर्स ने स्वदेशी एयरक्राफ्ट तेजस और टैंक अर्जुन के एडवांस और सिंगल इंजन मॉडल पर भरोसा न जताते हुए विदेशी बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों की मांग रखी है। इनको मेक इन इंडिया प्रोसेस के तहत सशस्त्र बल में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन


भारत की बढ़ती सैन्य ताकत पाकिस्तान के लिए क्यों बन गई चिंता?

दरअसल, आर्मी को 1,770 टैंक्स की जरूरत है वही एयरफोर्स ने भी 114 सिंगल इंजन फाइटर प्लेन की मांग रखते हुए टेंडर निकाला है, लेकिन एयरफोर्स और आर्मी की मांग पूरा करना इतना भी आसान नहीं होगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र का सालाना बजट नए प्रोजेक्ट्स के लिए पर्याप्त नहीं है क्योंकि ज्यादातर पैसा पहले हो चुकी डील की किश्त के रूप में चुका दिया गया है। अगर अब मांगों को पूरा करना पड़ा तो सिर्फ एयरफोर्स के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

'स्वदेशी' में क्या कमियां?

तेजस

तेजस एयरक्राफ्ट का प्रोजेक्ट 1983 में सेंक्शन किया गया था। एयरफोर्स के मुताबिक, ये लड़ाई के लिए अभी भी तैयार नहीं हैं और फाइनल क्लीयरेंस भी जून 2018 तक मिलेगा। इनकी रेंज और हथियारों को लेकर जाने की क्षमता भी कम है। 

अर्जुन टैंक का प्रोजेक्ट 1974 में सेंक्शन किया गया था। आर्मी के मुताबिक ये भारी हैं और पुल और रेत को पार करने में इन्हें दिक्कत आती है। इनसे सीधा वार करना भी आसान नहीं होता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें