रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को विशेष वित्तीय शक्तियां प्रदान करते हुए तीनों सेनाओं को उनकी जरूरत के आधार पर 300 करोड़ रुपये तक की रक्षा खरीद की मंजूरी दे दी। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच सेना को और मजबूती देने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में यह फैसला लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक सेना इस रकम से जितने चाहे हथियार खरीद कर सकती है। हालांकि आपातकालीन जरूरत की हर खरीद 300 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
रक्षा मंत्रालय ने बताया, डीएसी ने तीनों सेनाओं को अपनी उभरती परिचालन संबंधी जरूरतों के लिए 300 करोड़ रुपये तक की तत्काल पूंजी अधिग्रहण की शक्ति प्रदान की है। इससे हथियारों की खरीद में कम समय लगेगा। इसमें छह महीने के भीतर हथियारों का ऑर्डर दिया जा सकेगा और एक साल में आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
मंत्रालय के मुताबिक उत्तरी सीमा पर उभरती सुरक्षा स्थितियों के मद्देनजर डीएसी की बैठक हुई थी। इसमें सेना की जरूरतों पर चर्चा हुई। मंत्रालय ने बताया, तीनों सेना अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए हथियार खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है।