आईएसआईएस केस के आरोपी अरीब मजीद ने दावा किया कि फर्जी आर्मी अफसरों ने उसे केस खत्म करने का लालच दिया। मजीद ने इसकी शिकायत पुलिस और एनआईए से की। कोर्ट ने इसे न्याय में दखल मानते हुए जांच एजेंसियों से जवाब मांगा है।
आईएसआईएस लिंक केस के आरोपी अरीब मजीद ने एक सनसनीखेज दावा किया है। उसने बताया कि खुद को सेना का अधिकारी बताने वाले दो लोगों ने उससे संपर्क किया। इन लोगों ने मजीद को एक गुप्त ऑपरेशन में मदद करने का प्रस्ताव दिया। इसके बदले उन्होंने उसके खिलाफ चल रहे अदालती मामले को खत्म करने का लालच दिया। मामले में कोर्ट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और पुलिस से इस पर जवाब मांगा है।
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अरीब मजीद पर गंभीर आरोप
अरीब मजीद को साल 2014 में आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे एंटी-टेरर लॉ के तहत गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल उसका ट्रायल चल रहा है। मजीद को 2021 में हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। उसने कोर्ट में अर्जी देकर साफ किया कि वह कोई समझौता या बाहरी मदद नहीं चाहता। वह चाहता है कि उसके केस का फैसला पूरी तरह से कानूनी मेरिट के आधार पर हो।
अरीब मजीद ने क्या कहा?
मजीद के अनुसार यह घटना 21 फरवरी 2026 को हुई। जब वह कॉलेज में था, तब उसकी पत्नी ने बताया कि कल्याण स्थित घर पर एक अनजान आदमी और औरत आए हैं। वे घर के अंदर बैठकर उसका इंतजार करने की जिद कर रहे थे। उस औरत ने फोन पर खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि उसके साथ दिल्ली से एक कर्नल रैंक का बड़ा अफसर आया है। उन्होंने मजीद से कहा कि उन्हें एक गुप्त मिशन में उसकी मदद चाहिए। इसके बदले वे उसके सारे पेंडिंग केस खत्म करवा देंगे।
मजीद को शक हुआ कि यह उसे फंसाने की कोई साजिश हो सकती है या उसके ट्रायल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उसने उन लोगों को घर के अंदर आने से मना कर दिया। इसके बाद उसने तुरंत 112 नंबर पर फोन किया और एनआईए कंट्रोल रूम को भी इसकी जानकारी दी। पुलिस ने उन दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए बाजार पेठ पुलिस स्टेशन ले लिया।
कोर्ट ने मांगा जवाब
विशेष एनआईए कोर्ट के जज चकोर बाविस्कर ने इस शिकायत को बहुत गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर घटना है। इसमें किसी की नकल करना, लालच देना, दबाव डालना और न्याय की प्रक्रिया में दखल देना शामिल है। कोर्ट ने बाजार पेठ पुलिस और एनआईए को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई चार मार्च को होगी। एनआईए का आरोप है कि मजीद आईएसआईएस में शामिल होने सीरिया गया था और फिर आतंकी गतिविधियों के लिए भारत लौटा था।