मूसलाधार और अप्रत्याशित बारिश के कारण अरब देशों में जनजीवन इतनी बुरी तरह से क्यों प्रभावित हुआ? यह बड़ा सवाल है। एक अध्ययन में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि बारिश का मुख्य कारण अल नीनो और जलवायु परिवर्तन है।
दुबई में हुई अप्रत्याशित बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अरब मुल्क की यह मौसमी घटना सुर्खियों में भी रही। मौसम में अचानक हुए इस बदलाव के बारे में एक अध्ययन में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के प्रभाव के कारण संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में मूसलाधार बारिश हुई। इस स्टडी के मुताबिक अल नीनो से प्रभावित वर्षों में बारिश की मात्रा बढ़ी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अरब प्रायद्वीप के इस क्षेत्र में तापमान बढ़ने के कारण 10-40 प्रतिशत अधिक बारिश हो रही है।
विज्ञापन
जलवायु वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय टीम- वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन ग्रुप के शोधकर्ताओं के मुताबिक बारिश बढ़ने की घटनाओं का प्राथमिक कारण जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल से बढ़ने वाली गर्मी है। अध्ययन के मुताबिक इस क्षेत्र में बारिश की मात्रा में अप्रत्याशित उछाल के पीछे मानव-जनित जलवायु परिवर्तन की कितनी भूमिका है, शोधकर्ता इसका सटीक आकलन नहीं कर सके हैं।