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विशेषज्ञों का अनुमान: अरब सागर में बढ़ेगी चक्रवातों की संख्या, ग्लोबल वार्मिंग बनेगी वजह

Tue, 18 May 2021 10:34 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विशेषज्ञों के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अरब सागर का तापमान बढ़ रहा है, जो इसे चक्रवातों के लिए अधिक संवेदनशील बनाता है।
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ग्लोबल वार्मिंग के चलते अरब सागर में बढ़ सकती है चक्रवातों की संख्या - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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पिछले 150 से 200 वर्षों से बंगाल की खाड़ी ने अरब सागर के मुकाबले चार गुना अधिक चक्रवातों को जन्म दिया है। लेकिन, जल्द ही यह आंकड़ा बदल सकता है और इसके पीछे की वजह होगी ग्लोबल वार्मिंग।

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पुणे आईएमडी (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग) में क्लाइमेट रिसर्च एंड सर्विसेज (जलवायु शोध एवं सेवा) के प्रमुख एसआईडी केएस होसलिकर कहते हैं, 'बंगाल की खाड़ी में बनने वाले हर चार चक्रवातों की तुलना में अरब सागर में एक होता है। हमारे पास पिछले 150 से 200 साल से भी अधिक का डाटा है। जब आप इस डाटा को देखते हैं और गणना करते हैं तो चार के मुकाबले एक का अनुपात सामने आता है।'

भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर चक्रवाती तूफानों की संख्या के बीच इस अंतर का कारण बताते हुए होसलिकर कहते हैं कि ऐसे कई कारक हैं जो समुद्र में तूफान के बनने को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, 'इसके पीछे कई कारण हैं। इसमें भौगोलिक स्थान, समुद्र की सतह का तापमान और समुद्र का खारापन जैसी चीजें आती हैं। ये सभी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं।'

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बदल रही हैं अरब सागर की परिस्थितियां

आईआईटीएम या इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियरोलॉजी (भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान) का एक अध्ययन कहता है कि यह अनुपात जल्द ही बदल सकता है। इस अध्ययन में सामने आया है कि अरब सागर में चक्रवातों की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) और तीव्रता (इंटेंसिटी), दोनो में ही वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे का प्रमुख कारण समुद्र के तापमान में इजाफा होना है। 2019 में अरब सागर में पांच चक्रवात बने थे जबकि बंगाल की खाड़ी में तीन।
 
आईआईटीएम के रॉक्सी कोल ने कहा, चक्रवात बनने के लिए समुद्र का आदर्श तापमान (एसएसटी) 28.5 डिग्री सेल्सियस है। सामान्यत: 28 डिग्री सेल्सियस एसएसटी पर, बंगाल की खाड़ी को गर्म पूल क्षेत्र में रखा गया है। चक्रवात गर्म पूल क्षेत्रों से ऊर्जा लेते हैं। उन्होंने कहा, पारंपरिक रूप से अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के मुकाबले कहीं ठंडा है। लेकिन अब अरब सागर भी गर्म पूल क्षेत्र बन रहा है। ऐसा ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बढ़ रही अतिरिक्त गर्मी की वजह से हो रहा है।
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बंगाल की खाड़ी में क्यों बनते हैं अधिक चक्रवात

गर्म पूल क्षेत्र होने के अतिरिक्त बंगाल की खाड़ी, अरब सागर के मुकाबले अधिक जमीन से घिरी है। दक्षिण एशियाई देश इसके इर्द-गिर्द आते हैं। इससे समुद्र के खारेपन में इजाफा होता है। विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में प्रशांत महासागर से आंधी-तूफान के अवशेष आते हैं। ये यहां कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में आते हैं लेकिन आदर्श परिस्थितियां मिलने के कारण चक्रवात में बदल जाते हैं।
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