फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बार्ज हादसा: मानवाधिकार आयोग ने पेट्रोलियम मंत्रालय, तटरक्षक बल और ओएनजीसी को जारी किया नोटिस, छह हफ्ते में मांगा जवाब

Mon, 24 May 2021 02:21 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

चक्रवात के बनने से पहले और बनने के दौरान यदि सभी संबंधित एजेंसियां सुरक्षा मानकों का पालन करतीं तो लोगों की कीमती जान बचाई जा सकती थी।
विज्ञापन
NHRC - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अरब सागर में बार्ज हादसे में पेट्रोलियम मंत्रालय, ओएनजीसी चेयरमैन, भारतीय तटरक्षक बल और जहाजरानी के महानिदेशक को नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन


आयोग ने रविवार को जारी नोटिस में कहा है कि चक्रवात के आने से पहले और बाद में अगर सभी एजेंसियां सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करतीं तो कई जानें बच जातीं। आयोग ने इन सभी से छह हफ्ते में विस्तृत जवाब मांगा है।

आयोग ने 22 मई को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कि पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और उन्हें लाचार होने के लिए छोड़ दिया गया। यह पीड़ितों के जीवन के अधिकार का गंभीर मामला है।
विज्ञापन


आयोग ने एक बयान में कहा, 'चक्रवात के बनने से पहले और बनने के दौरान यदि सभी संबंधित एजेंसियां सुरक्षा मानकों का पालन करतीं तो लोगों की कीमती जान बचाई जा सकती थी।'

बयान में कहा गया है एनएचआरसी 17 मई को अरब सागर में पी305 बार्ज के डूबने से 49 कर्मियों की मौत के बाद भारत में नाविकों के अधिकारों को लेकर बहुत चिंतित है।

आयोग ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पोत परिवहन महानिदेशक, ओएनजीसी अधिकारियों और तटरक्षक बल को 'जानकारी थी कि चक्रवात ताउते के मद्देनजर बार्ज पर सवार कर्मियों की जान को खतरे की आशंका है, लेकिन लगता है कि उसने पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर लाने के लिये कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया और वे असहाय रहे। यह पीड़ितों के जीवन के अधिकारों के घोर उल्लंघन का मामला है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें