पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी समृद्ध भारत का स्वप्न देखते थे। ग्रामीण भारत को शक्ति और किसानों को आर्थिक शक्ति प्रदान करने के लिए ही उन्होंने 73वें संविधान संशोधन के जरिए देश में पंचायतों को ताकत देने का काम किया था। उनके असमय देहावसान का नुकसान पूरे देश को उठाना पड़ा। अगर राजीव गांधी जीवित होते तो संभवतः देश का ग्रामीण जनजीवन और अन्नदाता किसान आज ज्यादा बेहतर स्थिति में होता।
ये विचार अखिल भारतीय पंचायत परिषद ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए व्यक्त किया। देश में पंचायतों को मजबूत करने वालों में सर्वप्रमुख भूमिका निभाने वाले बलवंत राय मेहता द्वारा स्थापित अखिल भारतीय पंचायत परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक चौहान ने कहा कि आज देश का किसान अनेक समस्याओं को झेल रहा है। उसकी बात किसी भी स्तर पर नहीं सुनी जा रही है।
अगर राजीव गांधी का पंचायतों को ताकत देने का स्वप्न अपने असली अर्थों में साकार हो पाया होता तो शायद आज किसान बेहतर स्थिति में होता। संस्था ने पूर्व प्रधानमंत्री की याद में पर्यावरणकर्मी पीपल बाबा को पर्यावरण सुरक्षा हेतु काम करने के लिए पुरस्कार भी दिया।