भारतीय वायुसेना का अपाचे
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रात में भी उड़ सकता है चिनूक
इस साल की शुरुआत में भारतीय वायुसेना ने अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग द्वारा निर्मित चिनूक हेलीकॉप्टर्स को अपने बेड़े में शामिल किया है। इसका इस्तेमाल दुर्गम इलाकों में आसानी से किया जा सकता है। यह रात में भी उड़ सकता है तथा छोटे हेलीपैड पर भी उतर सकता है। अभी भारतीय वायुसेना को चार चिनूक मिले हैं। कुल 15 चिनूक खरीदे गए हैं। चिनूक हेलीकॉप्टर 11 टन तक का भार उठा सकता है।
दुर्गम इलाकों में भी सटीक निशाना साधता है अपाचे
अपाचे को अमेरिकी कंपनी बोइंग ने भारतीय वायुसेना की जरूरत के हिसाब से विशेष तौर पर तैयार किया है। यह दुनिया का सबसे घातक लड़ाकू हेलिकॉप्टर है। यही वजह है कि अमेरिका समेत कई देश इसका इस्तेमाल करते हैं। इसकी डिजिटल कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक सूचना प्रणाली इसे और भी ज्यादा खतरनाक बनाती है।
इस हेलिकॉप्टर में जिस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, वो इसे दुर्गम स्थानों पर भी कारगर मारक क्षमता और सटीक सूचनाएं उपलब्ध करती हैं। सघन पर्वतीय क्षेत्रों, पहाड़ियों और घाटियों में छिपे दुश्मन को भी यह हेलिकॉप्टर आसानी से तलाशकर सटीक निशाना साध सकता है। यह हेलिकॉप्टर 265 किमी/घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है।