कोनसीमा जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने रविवार को लड़की के परिवार को उसके इलाज के लिए 13 इंजेक्शन का पहला सेट सौंपा। लड़की को कम से कम 52 इंजेक्शन लगने, जिसमें हर एक इंजेक्शन की कीमत 1.25 लाख रुपये है।
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माता-पिता और डॉक्टर्स के साथ पीड़ित बच्ची
- फोटो : ट्विटर/ सीएमओ आंध्र प्रदेश
गौचर रोग से पीढ़ित ढाई साल की मासूम के उपचार के लिए आंध प्रदेश की सरकार ने एक करोड़ रुपये की मदद को मंजूरी दी है।
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जिला कलेक्टर 13 इंजेक्शन का पहला सेट सौंपा
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इंजेक्शन का पहला सेट सौंपते जिला कलेक्टर
- फोटो : ट्विटर/ सीएमओ आंध्र प्रदेश
जारी एक बयान में कहा गया कि डॉ. भीमराव राव अंबेडकर कोनसीमा जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने रविवार को लड़की के परिवार को उसके इलाज के लिए 13 इंजेक्शन का पहला सेट सौंपा। लड़की को कम से कम 52 इंजेक्शन लगने, जिसमें हर एक इंजेक्शन की कीमत 1.25 लाख रुपये है।
वसायुक्त पदार्थों के कारण गौचर रोग व्यक्ति की हड्डियों और यकृत (लीवर) को प्रभावित करता है, जिससे अंगों का आकार बढ़ जाता है।
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मुख्यमंत्री से की थी मदद की अपील
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माता पिता के साथ पीड़िता
- फोटो : ट्विटर/ सीएमओ आंध्र प्रदेश
लड़की का परिवार उसके इलाज का खर्ज नहीं उठा पा रहा था, इसलिए उसने हाल ही में मुख्यमंत्री से मदद की अपील की थी। मुख्यमंत्री जब कोनसीमा दौरे पर आए तो परिवार ने उनसे मदद करने की अपील की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए लड़की के उपचार के साथ-साथ उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक मदद करने का वादा किया था।
गौचर रोग से पीड़ित मासूम के साथ मुख्यमंत्री
- फोटो : ट्विटर/ सीएमओ आंध्र प्रदेश
जिला कलेक्टर ने आवश्यक धनराशि के लिए एक प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। इसके बाद बच्ची के उपचार के लिए एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। सरकार ने इंजेक्शन निर्माता कंपनी से संपर्क किया और लड़की का इलाज शुरू करने के लिए 13 इंजेक्शन की पहली खेप हासिल की।