आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बेशक बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में शामिल हुए थे जिसका उद्देश्य देश को डिजिटल इकोनामी की तरफ मोड़ना और कैशलेश ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना था। लेकिन इसके बावजूद चंद्रबाबू नायडू उस दिन कुछ परेशान थे।
चंद्रबाबू नायडू की परेशानी का आलम इससे समझा जा सकता था कि उन्होंने इस उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने के कुछ ही घंटो के बाद आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को संदेश भेज आपात सहायता की मांग की जिससे आंध्र प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर 'कैशलेस' न हो और बैंको से अपनी तनख्वाह निकाल सके।
आरबीआई गवर्नर ने नायडू की इस अपील पर तुरंत ध्यान देते हुए चार्टेड प्लेन से 2,420 करोड़ रुपये विशाखापत्तनम और तिरूपति शुक्रवार को भेजे। चंद्रबाबू नायडू ने बताया, 'हम सड़क से पैसों को प्रदेश के दूसरे भागों में भेजने का प्रयास कर रहें हैं। हमने बैंको से कहा हैं कि वो समाज के सभी वर्गों के लिए कैश उपलब्ध रखें।'
राज्य सरकार के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के जिन जिलों में ज्यादा दिक्कत है वहां 240 करोड़ रुपये और अन्य जिलों में 160 करोड़ रुपए भेजा गया है।
तेलंगाना को भी मिलेगा 1,600 करोड़ रुपए
नकदी की तंगी से जूझ रहे तेलंगाना के बैंको के लिए एक अच्छी खबर है। आरबीआई इसी हफ्ते तेलंगाना को 1,600 करोड़ रुपए की मदद भेज रहा है, जिससे कर्मचारियों को तनख्वाह मिलने के बाद बैंको पर आने वाले दबाव को कम किया जा सके।