आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डी पुरंदेश्वरी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर वरिष्ठ वाईएसआरसीपी नेता वी विजयसाई रेड्डी के खिलाफ धमकी देने समेत अन्य आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में जगन मोहन रेड्डी और रेड्डी का उल्लेख करते हुए कहा है कि राज्य के कई नेता अपने खिलाफ चल रहे मामलों में 10 वर्षों से जमानत पर रिहा हैं और आंध्र प्रदेश के सीएम एवं राज्यसभा सांसद जैसे ऊंचे पदों पर विराजमान हैं।
पुरंदेश्वरी ने सांसद के खिलाफ वाईएस विवेकानंद रेड्डी की मौत सहित तमाम संपत्ति, शराब और अन्य आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि विजयसाई रेड्डी उन्हें खुलेआम धमकी दे रहे हैं।
4 नवंबर को सीजेआई को संबोधित पत्र में पुरंदेश्वरी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोगों से मौखिक रूप से पता चला है कि रेड्डी 10 वर्षों से अधिक समय से अपने खिलाफ चल रहे सीबीआई और ईडी मामलों में जनता को मूर्ख बना रहे हैं। वे अपनी रसूख का इस्तेमाल कर जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहे है। इससे न्याय में देरी हो रही है। उन्होंने कहा, जांच एजेंसियों की ओर से दायर मामलों में बार-बार स्थगन और गैर-उपस्थिति जैसे हथकंडे अपनाकर दोनों नेता न्यायिक प्रणाली में प्रक्रियात्मक अंतराल का फायदा उठा रहे हैं। विजयसाई रेड्डी के खिलाफ कई आपराधिक मामले लंबित हैं।