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KP Fabian: 'वेस्ट बैंक के बिना गाजा के लिए कोई भी योजना अधूरी', पूर्व राजनयिक ने की ट्रंप की योजना की आलोचना

Sat, 04 Oct 2025 06:40 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

KP Fabian: पूर्व राजनयिक केपी फेबियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा योजना की आलोचना करते हुए कहा कि वेस्ट बैंक को नजरअंदाज करना योजना की बड़ी खामी है। उन्होंने हमास की प्रतिक्रिया को सकारात्मक बताया। फेबियन ने शांति प्रयासों के लिए पीएम मोदी के रुख की सराहन की। 
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केपी फेबियन - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारत के पूर्व राजनयिक केपी फेबियन ने शनिवार को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर अपनी राय साझा की। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हमास को दिए तीन दिन के अल्टीमेटम और उसके व्यापक प्रभावों का भी विश्लेषण किया। 
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'बिना वेस्ट बैंक के गाजा के लिए कोई योजना सफल नहीं'
फेबियन ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव में मौजूद खामियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, ट्रंप ने इस बारे मे कुछ कहा ही नहीं और जाहिर तौर पर आठ देशों ने भी कुछ नहीं कहा, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है। मैंने देखा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि यह मामला उठाया गया, लेकिन ट्रंप ने इसे टाल दिया और कहा कि वह बाद में देखेंगे। दूसरे शब्दों में, उनके पास ट्रंप को बताने की हिम्मत नहीं थी कि वेस्ट बैंक के लिए योजना के बिना कोई भी प्रस्ताव सफल नहीं हो सकता। 

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'हमास का समर्थन करने का दिखावा कर रहे थे अरब देश'
एक इंटरव्यू में पूर्व राजनयिक ने कहा, मुझे आपका वह शब्द बहुत अच्छा लगा- ट्रंप का अल्टीमेटम। वास्तव में, पूरी योजना ही ट्रंप की एक ओर से एक अल्टीमेटम है। अब हमास खुद को एक बेहद मुश्किल स्थिति में पा रहा है, क्योंकि अरब देश दिखावा करते हुए हमास का समर्थन कर रहे थे, उन्होंने ट्रंप के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह जानना जरूरी है कि इस प्रस्ताव की अहमियत केवल इसमें लिखी बातों से नहीं, बल्कि जो बातें इसमें नहीं कही गई हैं, उनसे भी है। मैं बताता हूं कि इसमें क्या नहीं कहा गया। 

'योजना में वेस्ट बैंक में इस्राइली गतिविधियों का जिक्र नहीं'
उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप के प्रस्ताव में वेस्ट बैंक में इस्राइल की गतिविधियों का कोई जिक्र नहीं है। वहां इस्राइल नई यहूदी बस्तियां बसाने की योजना पर काम कर रहा है और वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांट रहा है। लेकिन इस पर कुछ भी नहीं कहा गया है।

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'हमास ने हथियार छोड़ने का जिक्र नहीं किया'
हालांकि, फेबियन ने ट्रंप के प्रस्ताव पर हमास की प्रतिक्रिया को एक सकारात्मक कदम बताया। फेबियन ने आगे कहा, मैं मानता हूं कि यह एक अच्छी शुरुआत है कि हमास ने इस तरह से जवाब दिया है। लेकिन हमास ने यह भी कहा कि अभी कई मुद्दों पर बातचीत की जरूरत है और उसने अब तक अपने हथियार छोड़ने (निष्क्रिय करने) के बारे में कुछ नहीं कहा है। इसलिए जवाब में जो भी बातें नहीं कही गई हैं, वे उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी कही गई हैं। 

पीएम मोदी की टिप्पणी और रुख का स्वागत किया
पूर्व राजनयिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी और रुख का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र ने भी कहा कहा है कि इस्राइल और गाजा ने निर्णायक प्रगति की है। बंधकों की रिहाई के संकेत एक बड़ा कदम है। भारत एक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए सभी प्रयासों का मजबूती से समर्थन करता रहेगा। यह एक बेहतरीन बयान है। फेबियन ने आगे कहा, हमें केवल इसलिए राहत महसूस नहीं करनी चाहिए बंधक रिहा हो रहे हैं, बल्कि इसलिए भी राहत महसूस करनी चाहिए कि इस्राइल की ओर से जो नरसंहार चल रहा था, वह कम से कम कुछ समय के लिए रुक सकता है। 

फेबियन ने भारतीय मीडिया से अपनी रिपोर्टिंग में संतुलन बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा, मुझे खेद है कि भारतीय मीडिया में जनसंहार का जिक्र अक्सर नहीं होता और फोकस केवल बंधकों पर ही केंद्रित रहता है। जरा खुद के अंदर झांकिए - क्या कहीं मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है? चलिए, मैं इसे इस तरह कहता हूं। 
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बांग्लादेश पर भारत सरकार की स्थिति का समर्थन किया
भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध को लेकर फेबियन ने बांग्लादेश पर भारत सरकार के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से बांग्लादेश की यह आदत रही है कि वह अपनी अंतरिम या स्थायी सरकार की गलतियों या निष्क्रियता से पैदा हुई समस्याओं के लिए भारत को दोष देता है। प्रवक्ता ने सही कहा कि पाकिस्तान भी इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए इस बात को फिर से उजागर करना जरूरी था।

'पाकिस्तान को लेकर बयानों में संतुलन जरूरी'
थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की ओर से पाकिस्तान को दी गई चेतावनी पर बात करे हुए पूर्व राजनयिक ने कहा कि ऐसे बयानों में संतुलन जरूरी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सख्ती से यह जरूर बताया जाना चाहिए कि उसे आतंकवाद का समर्थन बंद करना होगा। लेकिन यह  कहना कि हम पाकिस्तान को नक्शे से मिटा देंगे, एक अनावश्यक अतिशयोक्ति का उदाहरण है। केपी फेबियन ने एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह के 'ऑपरेशन सिंदूर' पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने शुक्रवार को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमानों को नष्ट किया गया, जिनमें पांच हाई-टेक फाइटर जेट शामिल हैं- संभवतः एफ-16 और जेएफ-17। यह अच्छी बात है कि वायुसेना प्रमुख ने यह बयान अब दिया है। मैंने यह भी ध्यान दिया कि उन्होंने कहा था कि जो एफ-16 नष्ट किए गए, जब वे जमीन पर खड़े थे।

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