अनुराग ठाकुर ने एक लिखित जवाब में बताया कि वित्त आयोग को स्थायी दर्जा देने की सरकार की कोई योजना नहीं है। ठाकुर ने कहा कि आरबीआई भी इस पर कोई विचार नहीं कर रहा है। सरकार अभी एक तय अवधि के लिए वित्त आयोग की नियुक्ति करती है।
केंद्र ने बीते वर्ष नवंबर में 15वें वित्त आयोग की अवधि में एक वर्ष के लिए 30 अक्तूबर तक का विस्तार किया है। ठाकुर ने कहा, मंत्रालय वित्त आयोग की सिफारिशों पर विभिन्न विभागों के साथ चर्चा के बाद उन्हें मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजेगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन्हें दोनों सदनों में पेश किया जाएगा।