अपना दल (एस) की सांसद अनुप्रिया पटेल ने कोल बिरादरी को अन्य राज्यों के तर्ज पर अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां इस बिरादरी को अनुसूचित जाति में रखा गया है, वहीं दूसरे सभी राज्यों में इसे अनुसूचित जनजाति वर्ग में रखा गया है।
लोकसभा में शून्यकाल के दौरान पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति शोध संस्थान ने इस बिरादरी का अध्ययन किया। वर्ष 2013 में संस्थान ने अपने सर्वेक्षण रिपोर्ट में इस बिरादरी को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में शामिल करने की अनुशंसा की। उन्होंने भी 16वीं लोकसभा में लगातार इस मुद्दे को उठाया। इसके बावजूद इस दिशा में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
उन्होंने जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा से इस बिरादरी को एसटी में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए ऐसा किया जाना बेहद जरूरी है।