एंटीलिया के पास मिली अज्ञात कार
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रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास मिली जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो कार मामले में गिरफ्तार आसिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) रियाजुद्दीन काजी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। काजी को इस मामले के मुख्य आरोपी बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे का करीबी माना जाता है। फिलहाल, दोनो जेल में हैं।
मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले ने शुक्त्रस्वार को संविधान के अनुच्छेद 311 (2) बी के तहत काजी को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एंटीलिया मामले में सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद अप्रैल महीने में रियाज काजी को गिरफ्तार किया था।
काजी पर एंटीलिया केस के अलावा स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के मामले में सचिन वाजे का सहयोग करने का आरोप है। एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि वह इस पूरे मामले की साजिश में शामिल रहे हैं।
एनआईए ने दावा किया है कि एंटीलिया मामले की केस जब क्राइम इटेंलिजेंट यूनिट (सीआईयू) के तत्कालीन चीफ सचिन वाजे के पास आई थी। उसके बाद इन दोनों आरिपोयों ने सबूत मिटाना शुरू कर दिया था।
बता दें कि एंटीलिया मामले में एनआईए की एंट्री के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया था। इसी दौरान 5 मार्च को मुंब्रा स्थित रेतीबंदर में मनसुख हिरेन का शव संदिग्ध हालत में पाया गया था। एनआईए पहले एंटीलिया मामले की जांच कर रही थी। लेकिन मनसुख की हत्या का मामला भी इसी केस से जुड़ा हुआ है। इसलिए कोर्ट के आदेश से एनआईए दोनो मामले की जांच कर रही है।