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Indian Navy: नौसेना की ताकत में होगा इजाफा, 24 नवंबर को सेवा में शामिल होगा पनडुब्बी-रोधी युद्धपोत 'माहे'

Sun, 16 Nov 2025 07:29 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Indian Navy: 'माहे' नाम का स्वदेशी शैलो-वॉटर युद्धपोत 24 नवंबर को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। यह तटीय और उथले जल क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है और टॉरपीडो, पनडुब्बी-रोधी रॉकेट, उन्नत रडार व सोनार से सुसज्जित है।  
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युद्धपोत माहे - फोटो : एक्स/नौसेना प्रवक्ता
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विस्तार
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पनडुब्बी-रोधी युद्ध के लिए युद्धपोत 'माहे' 24 नवंबर को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। यह एक शैलो-वॉटर क्राफ्ट है। यानी यह युद्धपोत समुद्र की बजाय तटीय जल क्षेत्र या नदी मुहाने जैसे उथले पानी वाले क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है। यह टॉरपीडो, कई भूमिका वाली पनडुब्बी-रोधी मिसाइल, उन्नत रडार और सोनार से सुसज्जित है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 
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कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए युद्धपोत बना रहा है, जिनमें यह पहला है, जिसका नाम माहे है। यह नाम पुडुचेरी के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर माहे के नाम पर रखा गया है और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रतीक है। नौसेना प्रवक्ता ने कहा, अपनी ताकत, छिपकर काम करने की क्षमता और गतिशीलता के साथ यह जहाज पनडुब्बियों का शिकार करने, तटीय गश्त करने और भारत के अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा करने के लिए डिजाइन किया गया है। टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेट से सुसज्जित माहे-श्रेणी का पहला जहाज 23 अक्तूबर को नौसेना को सौंपा गया था। 

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नौसेना प्रवक्ता ने कहा कि 24 नवंबर को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में 'माहे' को शामिल करने के साथ ही नौसेना की देशी जहाज निर्माण की यात्रा में एक और मील का पत्थर छूने वाला है। उन्होंने कहा, 'माहे' आत्मनिर्भर भारत पहल में नौसैनिक जहाज डिजाइन और निर्माण की अत्याधुनिक तकनीक का प्रतिनिधित्व करता है। छोटा होने के बावजूद यह जहाज शक्तिशाली है और तेजी, सटीकता का प्रतीक है। ये सभी गुण तटीय क्षेत्रों में दबदबा बनाए रखने के लिए अहम हैं। 80 फीसदी से अधिक देशी सामग्री के साथ माहे-श्रेणी भारत की युद्धपोत डिजाइन, निर्माण और एकीकरण में बढ़ती महारत को दर्शाता है।
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मलाबार तट के ऐतिहासिक तटीय शहर के नाम पर रखे गए इस जहाज के प्रतीक चिह्न में 'उरुनी', केरल की मार्शल आर्ट 'कलारिप्पायट्टु' की तलवार दिखाई देती है, जो तेजी, सटीकता और मारक क्षमता का प्रतीक है। नौसेना ने कहा, माहे' का कमीशन होना नई पीढ़ी के देशी शैलो-वॉटर युद्धपोतों के आगमन का प्रतीक होगा।

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