इससे पहले केरल और कांग्रेस नेतृत्व वाले पंजाब में यह प्रस्ताव लाया जा चुका है। साथ ही प्रमुख विपक्षी दल की सत्ता वाले राजस्थान व महाराष्ट्र ने भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कांग्रेस की ही सत्ता वाले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी जल्द ही यह कदम उठाए जाने की संभावना सूत्रों ने जताई है। अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने सीएए के खिलाफ आगामी बजट सत्र में एक संकल्प प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराने का निर्णय लिया है।
राजस्थान के संसदीय मामलों के मंत्री शांति धारीवाल ने सोमवार को कहा था कि विधानसभा में बजट सत्र 24 जनवरी से शुरू होगा और यह प्रस्ताव पहले दिन ही पेश होने की संभावना है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एससी/एसटी आरक्षण को 10 साल के लिए आगे बढ़ाने वाले बिल को 25 जनवरी से पहले ही मंजूरी देना आवश्यक है। इसलिए बजट सत्र 24 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा।