राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा में गुरुवार को कोयले का स्टाक घटाकर एक दिन से भी कम का हो गया। इसके चलते पांच सौ मेगावाट की अनपरा डी की पहली और 210 मेगावाट की अनपरा की पहली इकाई बंद रहने के बावजूद चालू इकाइयों से कम उत्पादन लेकर हालात संभाला गया। इसके चलते परियोजना का उत्पादन हजार मेगावाट के आसपास ही रहा।
अनपरा सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने दोपहर बाद एनसीएल के सीएमडी तापस कुमार से मुलाकात की। उन्होंने धीरे-धीरे आपूर्ति बढ़वाने का आश्वासन दिया। कम कोयला आपूर्ति को लेकर एनसीएल सीएमडी ने अपने महाप्रबंधकों से भी वार्ता की।
कामर्शियल लोड के हिसाब से 2130 मेगावाट और मौजूदा समय में स्थित सभी इकाइयों (बिना कामर्शियल लोड वाली अनपरा डी की दूसरी इकाई को मिलाकर) 2630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना को रोजाना 42 हजार टन कोयले की जरूरत है, लेकिन एनसीएल से जो रैक मिल रही है, वह पिछले डेढ़ माह से किसी भी दिन तीस हजार टन को पार कर नहीं कर पाई है।